Full Namaz Step By Step Translation In Hindi | नमाज़ का तर्जुमा हिन्दी में

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Full Namaz Step By Step Translation In Hindi

नमाज़ का तर्जुमा हिन्दी में

आप जब नमाज़ पढ़ते हैं तो वही आयतें और सूरतें दोहराते रहते हैं और नमाज़ मुकम्मल हो जाती है, लेकिन क्या आपको मालूम है कि नियत करने से लेकर सलाम फेरने तक आप ने अल्लाह से क्या कहा, जो भी पढ़ा इसका क्या मतलब था ,अगर आप जानते हैं तो माशा अल्लाह अल्लाह आपके इल्म में बरकत दे

लेकिन अगर आप नहीं जानते हैं तो आपको जानना चाहिए, क्यूंकि नमाज़ में अल्लाह बन्दे से बात करता है, लेकिन अगर आपको यही नहीं मालूम कि मैं क्या कह रहा हूँ सही कह रहा हूँ या नहीं, तो आप सिर्फ़ अपनी ड्यूटी पूरी करके मस्जिद से निकल आयेंगे, लेकिन नमाज़ से जो फ़ायदे मिलने वाले थे और आपके जिस्म और रूह में जो असर पड़ने वाला था वो नहीं हो पायेगा

इसलिए आप जब नमाज़ पढ़ें तो ध्यान आपका अल्लाह ही की तरफ़ हो, न कि दुनियावी चीज़ों में उलझा हुआ हो, और ये तब हो सकता है जब हमें नमाज़ में पढ़ी जाने वाली चीज़ का मतलब मालूम होगा, और हम नमाज़ में क्या कह रहे हैं ये पता होगा, इसीलिए इस पोस्ट में हम ने नमाज़ में पढ़ी जाने वाली हर तस्बीह का मतलब बताया है ( Full Namaz Step By Step Translation In Hindi )

Full Namaz Step By Step Translation In Hindi

मुकम्मल नमाज़ का तरजुमा हिन्दी में

अल्लाहु अकबर

अल्लाह सब से बड़ा है

सना

सुब हानकल लाहुम्मा व बिहमदिका व तबा रकस्मुका व तआला जददुका वला इलाहा गैरुक

तरजुमा : ए अल्लाह ! तेरी ज़ात पाक है औए खूबियों वाली है, तेरा नाम मुबारक है, और तेरी शान ऊंची है और तेरे सिवा कोई माबूद नहीं

अऊजु बिल्लाहि मिनश शैतानिर रजीम

तरजुमा : मैं अल्लाह की पनाह में आता हूँ, शैतान मरदूद से

बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम

तरजुमा : शुरू करता हूँ मैं अल्लाह के नाम से जो बड़ा महरबान निहायत रहम करने वाला है

सूरह फ़ातिहा

1. अल्हम्दु लिल लाहि रब्बिल आलमीन
2.अर रहमा निर रहीम
3.मालिकि यौमिद्दीन
4.इय याका नअ’बुदु व इय्याका नस्तईन
5.इहदिनस् सिरातल मुस्तक़ीम
6.सिरातल लज़ीना अन अमता अलय हिम
7.गैरिल मग़दूबि अलैहिम् वलद दाललीन (अमीन) *.

तरजुमा :

1. तमाम तारीफें उस अल्लाह ही के लिये है जो तमाम क़ायनात का
2. जो रहमान और रहीम है।
3. जो सजा के दिन का मालिक है।
4. हम तेरी ही इबादत करते हैं, और तुझ ही से मदद चाहते हैं
5. हमें सीधा रास्ता दिखा।
6. उन लोगों का रास्ता जिन पर तूने इनाम फ़रमाया,
7. उन लोगों का रास्ता नहीं जिन पर तेरा गजब नाजिल हुआ और ना उन लोगो का जो राहे हक़ से भटके हुए है

सूरह इखलास

1.कुल हुवल लाहु अहद
2. अल्लाहुस समद
3. लम यलिद वलम यूलद
4. वलम यकुल लहू कुफ़ुवन अहद

1. आप कह दीजिये कि अल्लाह एक है
2. अल्लाह बेनियाज़ है
3. वो न किसी का बाप है और न ही किसी का बेटा है
4. और न कोई उस के बराबर है

अल्लाहु अकबर

तरजुमा :  अल्लाह सब से बड़ा है

( रुकू में )सुब हाना रब्बियल अज़ीम

तरजुमा : पाक है मेरा और अज़मत वाला है

( रुकू से उठने के बाद ) समिअल लाहु लिमन हमिदह

तरजुमा : अल्लाह ने उसकी सुन ली जिसने उसकी तारीफ़ की

रब्बना लकल हम्द

तरजुमा : ए हमारे रब तेरे ही लिए तमाम तारीफ़ें हैं

अल्लाहु अकबर

तरजुमा : अल्लाह सब से बड़ा है

( सज्दे में ) सुब हाना रब्बियल आला

पाक है मेरा रब बड़ी शान वाला है

(दूसरे सज्दे से उठने के बाद )

अत तहिय्यात

अत तहिय्यातु लिल लाहि वस सलवातु वत तय यिबातु
अस सलामु अलैका अय्युहन नबिय्यु व रहमतुल लाहि व बरकातुह
अस सलामु अलैना व अला इबदिल लाहिस सलिहीन
अश हदु अल ला इलाहा इल्लल लाहु व अश हदु अन्ना मुहम्मदन अब्दुहू व रसूलुह

तरजुमा

तमाम इबादतें सिर्फ़ अल्लाह के लिए हैं, और तमाम नमाज़ें और अच्छी बातें (भी अल्लाह के लिए हैं)

सलाम हो आप पर ए नबी ( सल्लल लाहू अलैहि वसल्लम ) और अल्लाह की रहमतें और उसकी बरकतें हों

हम पर भी सलाम हो और अल्लाह के नेक बन्दों पर भी

मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं और गवाही देता हूँ कि मुहम्मद सल्लल लाहू अलैहि वसल्लम अल्लाह के बन्दे और उसके रसूल हैं

दुरूद शरीफ़

अल अहुम्मा सल्लि अला मुहम्मदिव व अला आलि मुहम्मद
कमा सल लैता अला इब्राहीम व अला आलि इब्राहीम इन्नका हमीदुम मजीद
अल लाहुम्मा बारिक अला मुहम्मदिव व अला आलि मुहम्मद
कमा बारकता अला इब्राहीम व अला आलि इब्राहीम इन्नका हमीदुम मजीद

ए अल्लाह ! हज़रत मुहम्मद (सल्लल लाहु अलैहि वसल्लम) पर, और उनकी आल पर रहमत नाज़िल फ़रमा, जिस तरह हज़रत इब्राहीम (अलैहिस सलाम) पर रहमत नाज़िल फ़रमाई, यक़ीनन आप तारीफ़ के लाइक और बड़ी बुज़ुर्गी और अजमत वाले हैं

ए अल्लाह ! हज़रत मुहम्मद (सल्लल लाहु अलैहि वसल्लम) पर और उनकी आल पर बरकत नाज़िल फ़रमा जिस तरह हज़रत इब्राहीम (अलैहिस सलाम) पर बरकत नाज़िल फ़रमाई यकीनन आप तारीफ़ के लाइक और बड़ी बुज़ुर्गी और अजमत वाले हैं

दुआए मासूरा

अल लाहुम्मा इन्नी ज़लम्तु नफ्सी ज़ुलमन कसीरा
वला यग फिरूज़ ज़ुनूबा इल्ला अन्ता फग फिरली
मग फिरातम मिन इन्दिका
वर हम्नी इन्नका अंतल गफूरुर रहीम

तरजुमा

ए अल्लाह ! बेशक हम ने अपनी जान पर बहुत ज़ुल्म किया और तेरे सिवा कोई भी गुनाहों को माफ़ नहीं कर सकता, बस अपनी ख़ास इनायत से हम को बख्श दे और मुझ पर रहम फ़रमा, बेशक तू ही बख्शने वाला और बेहद रहम वाला है

अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल लाह 

सलामती हो तुम पर, और अल्लाह की रहमत और उसकी बरकतें हों

नमाज़ मुकम्मल हुई

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