51+ Powerful Islamic Dua List in Hindi Tarjuma with Translation

Islamic Dua
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क्या आपको अल्लाह सुभान ता’अला से मांगने के लिए Islamic Dua याद है जिसको पढ़कर अपनी परेशानी मुसीबत की रहनुमाई के दुआ मांगते है।

इन्ही बातो को धयान रखते हुए 51+ Islamic Dua in Hindi का लिस्ट ले कर आया हूँ. जिसमे अपने हर problem के लिए अलग अलग दुआ दिया जाएगा उसके साथ तर्जुमा भी दिया जाएगा।

आप लोग हमेशा दुआओ को पढ़ते रहे और आगे लोगों तक शेयर करे ताके आप के ज़रिए आप के दोस्त भी इन दुआओ को याद कर सकें।

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Table of Contents

What is Islamic Dua – दुआ का हुक्म

आप सल्लाल्ल्हू अलैहि व सल्लम किसी भी वक़्त अल्लाह तआला के ज़िक्र से ग़ाफ़िल नहीं होते थे। रात व दिन में, सुबह व शाम में, सफ़र व हज़र में, उठने और बैठने में और किसी भी तरह के हालात में अल्लाह का ज़िक्र नहीं छोड़ते थे।

अल्लाह तआला का क़ुरआन मजीद में इरशाद फरमाते है और तुम्हारे रब ने केह दिया के: मुझे पुकारो में तुम्हारी दुआएं क़बूल करूंगा (ग़ाफ़िर 60)

अल्लाह रब्बुल आलमीन तमाम खूबियों का मालिक और सारे जहां को पालने वाला है। अल्लाह गनी है जैसा के क़ुरआन में इरशाद है और अल्लाह बे नियाज़ है और तुम सब मुहताज (मुहम्मद 38)

51+ Islamic Dua List in Hindi Translation

1. सोने की दुआ (Sone ki Dua)

अल्लाहुम्म बिस्मि-क अमूतु व अहया(सहीह बुखारी 6312)

तर्जुमा: ए अल्लाह तेरे ही नाम के साथ में मरता हु और ज़िंदा होता हू

2. नींद में घबराहट और डरने की दुआ

अऊज़ू बि-कलिमातिल-ल हित्ताम्मति मिन ग़-ज़बिहि व इक़ाबिहि व शररि इबादीहि व मिन ह-म-ज़ातिश शैतानि व अय्यह-ज़ुरून (तिर्मिज़ी 3528, अबू दावूद 3893)

तर्जुमा: में अल्लाह तआला के पूर्ण कलमात के साथ, उस के गुस्से, उस की सज़ा, उस के बन्दों की बुराई, शयातीन के फुसफुसाते और इस बात से के वो मेरे पास हाज़िर हो, पनाह में आता हूं।

3. सोकर उठने की दुआ (Uthne ki Dua)

अल्हम्दु लिल्ला हिल लज़ी अहयाना ब’अ-दमा अमा तना व इलैहिन नुशूर (सहीह बुखारी 6312)

तर्जुमा: तमाम तारीफ़ात उस अल्लाह के लिये हैं जिस ने हमें मारने के बाद ज़िंदा किया और उसी की तरफ़ ही लौट कर जाना है।

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4. टॉयलेट में जाने की दुआ (Dua Before Entering Toilet)

अल्लाहुम्म इन्नी अऊज़ु बि-क मिनल ख़ुबुसि वल खबाइस (सहीह बुखारी 142)

तर्जुमा: ए अल्लाह मैं तुझ से तमाम शयातीन से पनाह मांगता हूँ मर्द हों या औरत

5. टॉयलेट से निकलने की दुआ (Dua After Leaving Toilet)

अल्हम्दुलिल लाहिल लज़ी अज्हबा अननिल अज़ा व अफ़ानी (तिर्मिज़ी 07)

तर्जुमा: तमाम तारीफें उस अल्लाह के लिए हैं जिस ने मुझे से तकलीफ दूर की और मुझे आफियत दी

6. खाने से पहले की दुआ (Islamic Dua)

बिसमिल्लाह (अबू दावूद 3867, तिर्मिज़ी 1858)

तर्जुमा: अल्लाह के नाम के साथ

अगर शुरू में दुआ पढ़ना भूल जाए तो फिर ये कहे

बिस्मिल्लहि अव्वलहु व आख़ि रहु (अबू दावूद 3867, तिर्मिज़ी 1858)

तर्जुमा: अल्लाह के नाम के साथ उस के शुरू और उस के आखिर में

7. खाने के बाद की दुआ

अल्हम्दु लिल्ला हिल्लज़ी अत अ-मनी हाज़ा व र-ज़-क़नीहि मिन गैरी हौलिम मिन्नी वला क़ुव्वह (तिर्मिज़ी 3458, इब्ने माजा 3285)

तर्जुमा:  तमाम तारीफ़ात अल्लाह के लिये हैं जिस ने मुझे ये खाना खिलाया और मुझे किसी ताक़त और क़ुव्वत के बगैर अता किया।

8. खाना खिलाने वाले के लिये दुआ

अल्लाहुम्म बारिक लहुम फ़ीमा रज़क तहुम वग्फ़िर लहुम वर हमहुम (सहीह मुस्लिम 2042)

तर्जुमा: ए अल्लाह इन के लिये इन के रिज़्क़ में बरकत अता फ़रमा, इन्हें बख़्श दे और इन पर रहम फ़रमा

9. जो शख़्स कुछ खिलाए पिलाए उस के लिए दुआ

अल्लाहुम्म अत इम मन अत अ-मनी व असकि मन अस्क़ानी (सहीह मुस्लिम 2055)

तर्जुमा: ए अल्लाह जिस ने मुझे खिलाया तू भी उसे खिला और जिस ने मुझे पिलाया तू भी उसे पिला

10. कपड़ा पहनने कि दुआ (Libaas Pahantay Waqt Dua)

अल्हम्दु लिल्ला हिल लज़ी कसानी हाज़ा व र-ज़-क़नीहि मिन गैरी हौलिम मिन्नी वला क़ुव्वह (अबू दावूद 4023, तिर्मिज़ी 3458)

तर्जुमा: तमाम तारीफ़ात अल्लाह के लिये हैं जिस ने मुझे ये कपड़ा पहनाया, और उस ने मुझे (ये कपड़ा) मेरी किसी ताक़त और क़ुव्वत के बगैर अता फ़रमाया।

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11. नया लिबास पहनने कि दुआ

अल्लाहुम्म लकल हम्दु अंत कसौ तनीहि अस अलु-क मिन खैरीहि व खैरि मा सुनिअ लहु व अऊज़ू बि-क मिन शर-रिहि व शररि मा सुनिअ लहु (अबू दावूद 4020, तिर्मिज़ी 1767)

तर्जुमा : तमाम तारीफें उस अल्लाह के लिए हैं जिस ने मुझे वो लिबास पहनाया जिस से मैं अपने सतर को छुपा सकूँ और अपनी ज़िन्दगी में जीनत कर सकूँ |

12. वज़ू शुरू करने की दुआ

बिस्मिल्लाह (अबू दावूद 101, इब्ने मजा 397, 399, निसाई 78)

तर्जुमा: अल्लाह के नाम के साथ

13. वज़ू के बाद की दुआ

अशहदु अल्ल्ला इलाह इल्लल्लाहु वह दहु ला शरीक लहु व-अश हदु अन्न मुहम्मदन अब्दुहु व रसूलुह (सहीह मुस्लिम 234)

तर्जुमा: में गवाही देता हूं के अल्लाह के इलावा कोई सच्चा माबूद नहीं वह अकेला है उस का कोई शरीक नहीं, और में गवाही देता हूं के यक़ीनन मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम उस के बन्दे और उस के रसूल हैं।

अल्लाहुम्मज अलनी मिनत तव्वाबीन वज अलनी मीनल मु-त तह हिरीन (तिर्मिज़ी 55)

तर्जुमा: ए अल्लाह मुझे बहुत ज़ियादा तौबा करने वालों में से बनादे और मुझे बहुत ज़ियादा पाक रहने वालों में से बनादे।

14. घर से निकलने की दुआ (Islamic Dua)

बिसमिल्लाहि, तवक्कलतु अलल्लाही, ला हौल वला क़ुव्वत इल्ला बिल्लाह (अबू दावूद 5095, तिर्मिज़ी 3426)

तर्जुमा: अल्लाह के नाम के साथ में ने अल्लाह पर भरोसा किया और अल्लाह की तौफ़ीक़ और मदद के बगैर किसी गुनाह से बचने की ताक़त और कोई नेकी करने की क़ुव्वत नहीं।

15. घर में दाख़िल होते वक़्त की दुआ

बिसमिल्लाहि वलजना, व बिसमिल्लाहि खरजना, व अलल्लाहि रब्बना तवक्कलना(अबू दावूद 5096)

तर्जुमा: अल्लाह के नाम के साथ हम दाख़िल हुए और अल्लाह के नाम के साथ ही हम बाहर निकले और हम ने अपने परवरदिगार अल्लाह ही पर भरोसा किया। उस के बाद अपने घर वालों को सलाम कहे

16. मस्जिद में दाख़िल होने की दुआ

अल्लाहुम्मफ़ तहली अबवाब रहमतिक (सहीह मुस्लिम 713)

तर्जुमा: ए अल्लाह! मेरे लिए अपने रहमत के दरवाज़े खोल दे।

17. मस्जिद से निकलने की दुआ

अल्लाहुम्म इन्नी अस-अलुक मिन फ़ज़्लिक (सहीह मुस्लिम 713)

तर्जुमा: ए अल्लाह! में तुझ से तेरा फ़ज़्ल मांगता हु।

18. सुबह के वक़्त ये दुआ पढ़े

अल्लाहुम्म बि-क अस्बहना, व बि-क अमसैना, व बि-क नहया, व बि-क नमूतु, व इलैकन नुशूर (अबू दावूद 5068, इब्ने मजा 3868, तिर्मिज़ी 3391)

तर्जुमा: ए अल्लाह! हम ने तेरे नाम के साथ सुबह की, तेरे नाम के साथ शाम की, तेरे नाम के साथ हम ज़िंदा हैं और तेरे नाम के साथ हम मरते हैं और तेरी तरफ़ ही लौट कर जाना है।

19. शाम के वक़्त ये दुआ पढ़े (Islamic Dua)

अल्लाहुम्म बि-क अमसयना, व बि-क अस्बहनाव, व बि-क नहया, व बि-क नमूतु, व इलयकल मसीर (अबू दावूद 5068, इब्ने माजा 3868, तिर्मिज़ी 3391)

तर्जुमा: ए अल्लाह! तेरे नाम के साथ हम ने शाम की और तेरे नाम के साथ हम ने सुबह की, तेरे नाम के साथ हम ज़िंदा रहते हैं और तेरे नाम के साथ हम मरते हैं और तेरी तरफ़ ही उठ कर जाना है।

20. हवा चलते वक़्त की दुआ

अल्लाहुम्म इन्नी अस अलुक खैरहा व खै-र मा फ़ीहा व खै-र मा उर सिलत बिहि व अऊज़ु बि-क मिन शररिहा व शररि मा फ़ीहा व शररि मा उर सिलत बिहि (सहीह मुस्लिम 899)

तर्जुमा: ए अल्लाह! में तुझ से इस की भलाई , जो इस में है उस की भलाई और जिस के साथ ये भेजी गई है उस की भलाई का सवाल करता हु, और में तुझ से इस के शर, जो इस में है इस के शर जिस के साथ ये भेजी गई है उस के शर से तेरी पनाह चाहता हूं।

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21. बादल गरजने की दुआ

सुबहानल लज़ी युसब्बि-हुर र’अदु बि हम्दिहि वल मलाईकतु मिन खी फ़ति (मुवत्ता मालिक 2/380)

तर्जुमा: पाक है वह ज़ात जिस की तारीफ़ के साथ ये गरज तस्बीह करते है और फ़रिश्ते उस के खौफ से तस्बीह करते हैं।

22. बारिश की दुआए

पहली दुआ

अल्ला हुम्मस किना गैसन मुगीसन मरीअन नाफ़ि अन गै-र ज़ार रिन आजिलन गै-र आजि लिन (अबू दावूद 1169)

तर्जुमा: ए अल्लाह! हमें ऐसी बारिश से सेराब कर जो मददगार, खुशगवार, सर सब्ज़ो शादाब, नफ़ा बख़्श, नुकसान न देने वाली, जल्द बरसने वाली, देर से बरसने वाली न हो।

दुसरी दुआ

अल्लाहुम्म अगिसना, अल्लाहुम्म अगिसना, अल्लाहुम्म अगिसना (सहीह बुख़ारी 1014, सहीह मुस्लिम 897) 

तर्जुमा: ए अल्लाह हम पर बारिश बरसा, ए अल्लाह हम पर बारिश बरसा, ए अल्लाह हम पर बारिश बरसा।

23. बारिश उतरते वक़्त की दुआ

अल्लाहुम्म सय्यिबन नाफ़िआ(सहीह बुख़ारी 1032)

तर्जुमा: ए अल्लाह नफ़ा बख़्श बारिश बरसा

24. बारिश उतरने के बाद (ज़िक्र) दुआ (Islamic Dua)

मुतिरना बि फ़ज़लिल लाहि व रह मतिहि(सहीह बुख़ारी 846, सहीह मुस्लिम 71)

तर्जुमा: हम पर अल्लाह के फ़ज़्ल और रहमत से बारिश बरसाई गई।

25. चाँद देखने की दुआ

अल्लाहुम्म अ हिल्लहु अलैना बिल अमनि वल ईमानि वस्सलामति वल इस्लामि रब्बी व रब्बुकल्लाह(तिर्मिज़ी 3451)

तर्जुमा: ए अल्लाह इसे हम पर अमन और ईमान के साथ और सलामती और इस्लाम के साथ तुलू फ़रमा, हमारा और तेरा रब अल्लाह है।

26. रोज़ा खोलने के वक़्त की दुआ

ज़-ह बज़ ज़मउ वब तल्लतिल उरूकु व स-बतल अजरु इंशा अल्लाह (अबू दावूद 2357)

तर्जुमा: पियास चली गई, रगें तर होगई और अजर साबित होगया अगर अल्लाह ने चाहा।

27. ग़म और फ़िक्र की दुआ

अल्लाहुम्म इन्नी अऊज़ू बि-क मिनल हम्मि वल ह-ज़नि, वल अजज़ि वल क-सलि, वल जुबनि वल बुखलि, व ज़-ल इददैनि, व ग़-ल बतिर रिजालि (सहीह बुखारी 3696)

तर्जुमा: ए अल्लाह में परेशानी, ग़म, आजिज़ी, सुस्ती, बुज़दिली, बुख़ल, क़र्ज़ चढ़ने और लोगों के ग़लबे से तेरी पनाह में आता हूं।

28. बेचैनी की दुआ

ला इलाह इल्ललला-हुल अज़ीमुल हलीम, ला इलाह इल्लललाहु रब्बुल अर्शिल अज़ीम, ला इलाह इल्लललाहु रब्बुस समावाति, व रब्बुल अरज़ि, व रब्बुल अर्शिल करीम (सहीह बुखारी। 4364, सहीह मुस्लिम 2730)

तर्जुमा: अल्लाह के इलावा कोई माबूद बरहक़ नहीं अज़मत वाला, बड़े जलवे वाला है। अल्लाह के इलावा कोई सच्चा माबूद नहीं अर्श अज़ीम का रब है। अल्लाह के इलावा कोई सच्चा माबूद नहीं। आसमानों का रब है और ज़मीन का रब है, अर्श करीम का रब है।

29. अदाएगी क़र्ज़ की दुआ

अल्लाहुम्मक फ़िनी बि हलालि-क अन हरामि-क व अगनिनी बि फ़ज़्लि-क अम्मन सिवाक(तिर्मिज़ी 3563)

तर्जुमा: ए अल्लाह मुझे अपने हलाल के साथ अपने हराम से काफ़ी हो जा और अपने फ़ज़्ल के साथ मुझे अपने इलावा हर चीज़ से बे परवाह करदे।

30. नमाज़ या क़ुरआन पढ़ते हुए वसवसा आने पर दुआ

अऊज़ू बिल्लाहि मिनश-शैता निर रजीम (सहीह मुस्लिम 2203)

तर्जुमा: में शैतान मरदूद से अल्लाह की पनाह में आता हूं।

तीन मर्तबा कहे और अपने बाए तरफ़ थूक दे।

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31. मरीज़ से मिलते समय की दुआ

ला ब’अ-स तहूरुन इंशा अल्लाह (सहीह बुखारी 5656)

कोई परेशानी नहीं अगर अल्लाह ने चाहा तो ये बीमारी (गुनाहों से) पाक करने वाली है।

32. ज़िन्दगी से मायूस मरीज़ के लिए दुआ

अल्लाहुम्मग़ फ़िरली वर-हमनी व अलहिक़-नी बिर-रफ़ीक़िल अ’अला(सहीह बुखारी 5674)

तर्जुमा: ए अल्लाह मुझे बख़्श दे, मुझ पर रहम फ़रमा और मुझे रफ़ीक़ अ’अला से मिलादे।

33. मुसीबत के वक़्त की दुआ

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन, अल्लाहुम्म अजुर्नी फ़ी मुसीबती व अख़लिफ़ ली खैरम मिन्हा(सहीह मुस्लिम 918)

तर्जुमा: यक़ीनन हम अल्लाह के लिए हैं और हम उसी की तरफ़ लौट कर जाने वाले हैं, ए अल्लाह मुझे मेरी मुसीबत में अज्र अता फ़रमा, और मुझे इस से बेहतर बदला अता फ़रमा।

34. पहला फल देखने की दुआ

अल्लाहुम्म बारिक लना फ़ी स-मरिना व बारीक लना फ़ी मदीनतिना व बारिक लना फ़ी साइना व बारिक लना फ़ी मुद्दिना (सहीह मुस्लिम 1373)

तर्जुमा: ए अल्लाह हमारे लिए हमारे फल में बरकत दे, हमारे लिए हमारे शहर में बरकत दे, हमारे लिए हमारे साअ में बरकत दे, और हमारे लिए हमारे मुद में बरकत दे।

साअ और मुद नाप ने तौल ने के पैमाने है।

35. छींक की दुआ

जिस को छींक आए वो कहे “अल्हम्दु लिल्लाह” (सहीह बुखारी 6224)

तर्जुमा: तमाम तारीफ़ अल्लाह के लिए है।

और जो वहा मौजूद हो वो कहे “यर हमु कल्लाह”

तर्जुमा: अल्लाह तुझ पर रहम फ़रमाए

जब सामने वाला ये कहे तो छींक मरने वाला फिर ये कहे “यहदी कुमुल्लाहु व यूसलिहु बालकुम”

तर्जुमा: अल्लाह तुम्हें हिदायत दे और तुम्हारी हालत ठीक करे

36. शादी करने वाले के लिए ये दुआ

बा-र कल्लाहू ल-क व बा-र-क अलै-क व ज-म-अ बैनकुमा फ़ी खैर (अबू दावूद 2130, तिर्मिज़ी 1091)

तर्जुमा: अल्लाह तुम्हें बरकत दे, तुम पर बरकत करे और तुम दोनों को भलाई में जमा करे।

37. बीवी से हमबिस्तरी से पहले की दुआ

बिस्मिल्लाह, अल्लाहुम्म जननिब-नश शैतान, व जननि-बिश शैतान मा रज़क़-तना (सहीह बुखारी 6388, सहीह मुस्लिम 1434)

तर्जुमा: अल्लाह के नाम के साथ, ए अल्लाह हमें शैतान से बचा और जो तू हमें आता करे उसे भी शैतान से बचा।

38. गुस्से के वक़्त की दुआ

अऊजु बिल्लाहि मिनश शैता निर रजीम (सहीह बुखारी 6115, सहीह मुस्लिम 2610)

तर्जुमा: में शैतान मरदूद से अल्लाह की पनाह में आता हूं

39. किसी को मुसीबत में देखते समय की दुआ

अल्हम्दु लिल्लाहिल लज़ी आफ़ानी मिम्मब तला-क बिहि व फ़ज़्ज़-लनी अला कसीरिम मिममन ख़-ल-क़ तफ्ज़ीला (तिर्मिज़ी 3431)

तर्जुमा: तमाम तारीफ़ात अल्लाह के लिए हैं जिस ने मुझे इस मुसीबत से स्वास्थ्य दी जिस में तुझे मुब्तिला किया और उस ने मुझे बहुत सारी जीव पर फ़ज़ीलत अता फ़रमाई।

40. सफ़र की दुआ

अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर,
सुबहा-नललज़ी सख्ख-र-लना हाज़ा वमा कुन्ना लहू मुक़रिनीन, व इन्ना इला रब्बिना ल मुन्क़लिबून,
अल्लाहुम्म इन्ना नसअलु-क फ़ी स-फ़रिना हाज़ल-बिर्रा वत-तक़वा, व मीनल-अ-ममलि मा तर्ज़ा,
अल्लाहुम्म हवविन अलैना स-फ़-रना हाज़ा वतवि अन्ना बु’अ-दहु, अल्लाहुम्म अंतस्साहिबु फ़िस-सफ़फ़रि, वल-ख़ली-फ़तु फ़िल-अहलि,
अल्लाहुम्म इन्नी अ‛ऊज़ू बि-क मिन व अ-सा इस स-फ़रि, व कअ’बतिल-मन्ज़रि, व सू’इल मुन-क़-लबि फ़िल-मालि वल-अहलि।

(सहीह मुस्लिम 1342)

तर्जुमा: अल्लाह सब से बड़ा है, अल्लाह सब से बड़ा है, अल्लाह सब से बड़ा है, पाक है वो ज़ात जिस ने हमारे लिए इसे ताबे किया। वरना हम इसे क़ाबू करने वाले न थे और हम अपने रब की तरफ़ ही लौटने वाले है, ए अल्लाह हम अपने इस सफ़र में नेकी और तक़वा और तेरे पसंदीदा अमल का सवाल करते है। ए अल्लाह हमारे लिए इस सफ़र को आसान फ़रमा। इस की दुरी को लपेट दे, ए अल्लाह तू ही सफ़र में हमारा साथी हे, घर वालों में हमारा नाइब हे, ए अल्लाह में सफ़र की मुश्किलात, बुरे मंज़र और घर वालो और माल में बुरे हालात से तेरी पनाह चाहता हु।

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41. बाज़ार में प्रवेश करने की दुआ

ला इला-ह इल्लल्लाहु वहदहु ला शरी-क लहु लहुल मुल्कु व लहुल हम्दु युहयी व युमीतु व हुव हय्युल ला यमूतु बि यदि हिल ख़ैरु व हुव अला कुल्लि शैइन क़दीर (तिर्मिज़ी 3428, इब्ने माजा 2235)

तर्जुमा: अल्लाह के इलावा कोई सच्चा माबूद नहीं वह अकेला है उस का कोई साथी नहीं, उसी के लिए साम्राज्य है और उसी के लिए सभी परिभाषाएं, वह ज़िंदा करता है और मारता है, वह हमेशा ज़िंदा रहने वाला है कभी नहीं मरेगा, उसी के हाथ में भलाई है और वह हर मद पर शक्ति रखने वाला है।

42. मीटिंग के कफ़्फ़ारे की दुआ

सुब्हा-न कल्लाहुम्म व बि हमदि-क ला इला-ह इल्ला अन्त अस्तग़्फ़िरु-क व अतूबु इलैक (अबू दावूद 4859, तिर्मिज़ी 3433)

तर्जुमा: ए अल्लाह तू अपनी तारीफ़ के साथ पाक है में गवाही देता हूं के तेरे इलावा कोई सच्चा माबूद नही। में तुझ से माफ़ी मांगता हूं और तेरी तरफ़ तौबा करता हूं।

43. जो तुम को अपना माल दे उस के लिए दुआ

बार-कल्लाहु फ़ी अहलि-क व मालि-क (सहीह बुखारी 2049, सहीह मुस्लिम 1427)

तर्जुमा: अल्लाह तुझे तेरे परिवार और तेरे माल में बरकत अता फ़रमाए।

44. मुर्ग़े की आवाज़ सुनने पर दुआ

अल्लाहुम्म इन्नी असअलु-क मिन फ़ज़्लिक (सहीह बुखारी 3303, सहीह मुस्लिम 2729)

तर्जुमा: ए अल्लाह में तुझ से तेरे फ़ज़्ल का सवाल करता हूं।

45. गधे की आवाज़ सुनने पर दुआ

अऊज़ू बिल्लाहि मिनश-शैता निर रजीम (सहीह बुखारी 3303, सहीह मुस्लिम 2729)

तर्जुमा: में शैतान मरदूद से अल्लाह की पनाह में आता हूं।

46. शैतानी हमलों से बचने की दुआ – Islamic Dua in Hindi Translation

अऊज़ु बिल्लाहिस समीइल अलीमि मिनश शैतानिर रजीमि मिन हमज़िहि व नफ़खि-हि व नफ़सिह (अबू दावूद 775)

तर्जुमा: में पनाह मांगता हूँ अल्लाह की जो खूब सुनने वाला और खूब जानने वाला है, शैतान मरदूद के वस-वासों, उस के तकब्बुर और उस के फूंकी यानि जादू से।

47. शैतानी वसवसों से बचने की दुआ

व क़ुर रब्बि अऊज़ु बि-क मिन ह-म ज़ातिश शैतान, व अऊज़ु बि-क रब्बि अय्यह ज़ुरून (अल मुअ-मिन 97, 98)

तर्जुमा: और दुआ करें के ए मेरे परवरदिगार में शैतानों के वस-वासो से तेरी पनाह चाहता हूँ, और ए मेरे रब में तेरी पनाह चाहता हूँ के वो मेरे पास आए

48. डिप्रेशन के वक़्त ये पढ़े – Islamic Dua

अल्लाहुम्म रह-म-त-क अरजू फ़ला तकिलनी इला नफ़्सी तर-फ़-त ऐनिन व असलिह ली श’अ-नी कुल्लहु ला इला-ह इल्ला अंत (अबू दावूद 5090)

तर्जुमा: ए अल्लाह में तेरी रहमत का उम्मीदवार हूँ मुझे आँख झपक ने के बराबर भी मेरे नफ़्स के सुप्रद ना करना, और मेरे सारे मामलों को सही फ़रमा दे तेरे सिवा कोई इबादत के लाइक नहीं।

49. मरीज़ पर दम करने की दुआ

अज़ हिबिल बअ-स रब्बन्नसि, इश-फ़ि व अंतश शाफ़ी, ला शिफ़ा-अ इल्ला शिफ़ा-उ-क, शिफ़ा-अन ला युगा-दिरु स-क़-मा (सहीह बुख़ारी 5676)

तर्जुमा: ए लोगों के रब बीमारी दूर करदे, शिफ़ा अता फ़रमा, तूही शिफ़ा देने वाला है तेरी शिफ़ा के इलावा कोई शिफ़ा नहीं ऐसी शिफ़ा दे जिस के बाद कोई बीमारी बाक़ी ना रहे।

50. सज्दए तिलावत की दुआ – Islamic Dua in Hindi

स-ज-द वज हि-य लिल्लज़ी ख़-ल-क़हु व शक़्क़ सम-अहु व ब-स-रहु बि हौ-लिहि व क़ुव्वतिहि फ़ तबार-कल्लाहु अह-सनुल ख़ालिक़ीन(तिर्मिज़ी 3425)

तर्जुमा: मेरे चेहरे ने उस ज़ात को सजदा किया जिस ने उसे पैदा फ़रमाया और उस ने अपनी ताक़त और क़ुव्वत के ज़रिए से इस के कान और आँख के सूराख़ बनाए, बड़ा बा बरकत है अल्लाह तआला जो बेहतरीन पैदा करने वाला है।

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51. बिमारियों और महामारी से बचाओ की दुआएं और अज़कार

पहली दुआ

बिस्मिल्लाहिल-लज़ी ला यज़ुर्रु मअस-मिहि शैउन फ़िल अरज़ि वला फ़िस-समाइ वहुवस समीउल अलीम (सुबह और शाम तीन बार) (अबू दावूद 5088, तिर्मिज़ी 3388)

तर्जुमा: अल्लाह के नाम से में पनाह हासिल करता हु जिस के नाम से कोई भी चीज़ आसमान या ज़मीन में तकलीफ़ नहीं पहुंचाती और वह सुनने वाला और जानने वाला है।

Hadees: नबी अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया जो शख़्स भी ये दुआ (दुआ जो ऊपर दी गई है) सुबह और शाम के समय पढ़ता है तो कोई भी चीज़ उसे नुक़सान नहीं पहुंचाती।

दूसरी दुआ

अऊज़ू बि कलिमा तिल्लाहित ताम्माति मिन शररि मा ख़लक़ (सुबह और शाम तीन बार) (सहीह मुस्लिम 2709)

तर्जुमा: में अल्लाह के कामिल कलमात की पनाह में आता हूं उस की तमाम तर मख़लूक़ात की बुराई से

Hadees: अबू हुरैरह रज़ियालहु अन्हु से रिवायत है के एक व्यक्ति नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पास आया और उस ने कहा अल्लाह के रसूल मुझे रात को बिच्छू के काटने की वजा से बहुत तकलीफ़ हुई तो आप ने फ़रमाया: अगर तुम शाम के वक़्त केह देते के “अऊज़ू बि कलिमा तिल्लाहित ताम्माति मिन शररि मा ख़लक़” तो तुम्हें वो नुकसान नहीं पहुंचता।

तीसरी दुआ

ये दुआ हर बूरी बीमारी से बचने के लिया है

अल्लाहुम्म इन्नी अऊज़ू बि-क मिनल ब-रसि वल जुनूनि वल जुज़ामि व मिन सय्यि-इल अस्क़ाम (अबू दावूद 1554, निसाई 5493)

तर्जुमा: ए अल्लाह में बरस, पागल पन, कोढ़ और बुरी बीमारियों से तेरी पनाह चाहता हूं।

चौथी दुआ

अल्लाहुम्म इन्नी अस-अलुकल आफ़ि-य-त फ़िद्दुन्या वल आख़िरति, अल्लाहुम्म इन्नी अस अलुकल अफ़-व वल आफ़ि-य-त फ़ी दीनी व दुन्या-य व अहली व माली, अल्लाहुम्मस तुर औराती व मिन रौआती, अल्लाहुम्मह फज़्नी मिम बैनि य-दय-य व मिन खल्फ़ी व अन यमीनी व अन शिमाली व मिन फ़ौक़ी व अऊज़ू बि अ-ज़-म ति-क अन उग़ता-ल मिन तहती। (सुबह या शाम को पढ़े) (अबू दावूद 5074, इब्ने माजा 3871)

तर्जुमा: ए अल्लाह में तुझ से दुन्या और आख़िरत में हर तरह की आफ़ियत तलब करता हु, ए अल्लाह में तुझ से अपने दीन, दुन्या, और परिवार समेत अपनी संपत्ति से संबंधित के लिए भी माफ़ी और आफ़ियत मांगता हु, ए अल्लाह मेरे दोषों को छिपा दे और मुझे मेरे डर और खतरों से शांति अता फ़रमा, ए अल्लाह मेरे आगे, मेरे पीछे, मेरे दाएँ, मेरे बाएँ और मेरे ऊपर से मेरी रक्षा फ़रमा और में तेरी महानता के ज़रिए से इस बात से पनाह चाहता हूं के में निचे की तरफ़ से हलाक कर दिया जाऊ।

Conclusion: Islamic Dua

मुझे उम्मीद है islamic dua in हिंदी आपको पसंद आया होगा और आपको जब भी अल्लाह ता’अला से दुआ मांगना होगा तो हमारी Islamic Dua की पोस्ट को पढ़ कर मांग लेगा.

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