Hazrat Adam अलैहिस्सलाम का दुनिया में तशरीफ़ लाना

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Hazrat adam अलैहिस्सलाम
हजरत आदम अलैहिस्सलाम

हज़रत आदम (Hazrat Adam) अलैहिस्सलाम को जन्नत से क्यों निकाला गया

Hazrat Adam Alaihissalam जन्नत में आराम व ऐश से रहते थे मगर आप अपने हमशकल साथी के न रहने से बहुत उदास रहते थे

हजरत आदम (Hazrat Adam) अलैहिस्सलाम जन्नत में आराम व ऐश से रहते थे मगर आप अपने हमशकल साथी के न रहने से बहुत उदास रहते थे अल्लाहतआला ने हज़रत जिबराईल (अ०) को हुकुम दिया गया की आदम सो जाये तो उनकी बायीं पसली इस तरह निकालो की उनको तकलीफ न हो,और जब आप सो गए तो आपकी पसली निकाली गयी

और अल्लाहतआला की कुदरत से उस पसली को हज़रत हव्वा (अ०) बन गयी, अगर पसली निकलने में तकलीफ होती तो मर्द को अपनी बीबी से मोहब्बद न हुआ करती, हज़रत हव्वा में वो सब आदते और खुबिया मौजूद थी जो औरतो में होती है, जैसे हुस्न व जमाल, शर्म व हया, मोहब्बत व उल्फत, सब्र व शुक्र, वगैरा, हज़रत हव्वा को जन्नती लिबास पहना कर और खूब सज़ा कर हज़रत आदम के पास तख़्त पर बैठा दिया और उसी वक़्त हज़रत आदम भी जग गए,

आप हज़रत हव्वा को देख कर बहुत खुश हुए और मोहब्बत के जोश में चाहा के उनसे लिपट जाये,अल्लाहतआला ने फ़रमाया _ऐ आदम ! बिना निकाह किये इनको हाथ न लगाना, फिर आपने निकाह के लिए अर्ज़ किया, अल्लाहतआला ने खुतबा पढ़ा और फरिस्ते गवाह हुए और निकाह के हो गया, हज़रत आदम ने अल्लाहतआला का इन अल्फ़ाज़ में शुक्र अदा किया |

हज़रत आदम इस दरख़्त का फल हरगिज मत खाना

फिर अल्लाह तआला का हुक्म हुआ ए आदम तुम और तम्हारी बीवी हव्वा दोनों जन्नत में आराम से रहो और जो चाहो खाओ पियो मगर इस दरख़्त का फल हरगिज मत खाना और सुन लो शैतान तुम्हारा खुला हुआ दुश्मन है और तुमभी उसको अपना दुश्मन समझो और उसके धोखे में न आना आप खूब आराम से जन्नत में रहने लगे और शैतान के तरफ से बेफिक्र हो गए की वह तो दुनिया में है

और हम जन्नत में है वह यहाँ नहीं आ सकता है इधर शैतान ने इस बात पर कमर बाँध रक्खी थी की आदम से नाफरमानी करवाकर उनको भी जन्नत से बे दखल करवा दूंगा उसने जन्नत में जाने की तदबीर की शैतान अल्लाह तआला के तीन नाम जानता था उनको पढ़कर आसमानों को तय करता हुआ जन्नत के करीब जा कर बैठ गया और फिर वह तीनो नाम लेना सुरु कर दिया

शैतान अल्लाह तआला के तीन नाम जानता था

वहीँ जन्नत के दीवार पर मोर बैठा था उसने शैतान से पूछा कौन हो तुम शैतान ने जवाब दिया मई फरिस्ता हूँ और जन्नत में जाना चाहता हूँ लेकिन जन्नत के दरवाजे बंद हैं अगर तुन मुझे किसी तरह जन्नत में ले जाओ तो मैं तुझे ऐसा वजीफा बता दूंगा जिसके पढ़ने से यह तीन बातें तुझे हासिल होंगी पहला तुन कभी बुड्ढा नहीं होगे दूसरा हमेशा तुम जिन्दा रहोगे तीसरा हमेशा तुम जन्नत में ही रहोगे |

मोर ने कहा की आदम की वजह से कोई जन्नत में नहीं जा सकता और मोर ने यह सब बाते सांप को सुनाई, सांप ने लालच में आ कर जन्नत की मोरी में अपना सिर निकाला और शैतान से कहा की वह वजीफा मुझे बता दे, मैं तुझे जन्नत में ले कर आऊंगा, शैतान ने कहा पहले मुझे जन्नत में पंहुचा दे फिर बतलाऊंगा, सांप ने अपना मुँह खोला, शैतान झट से उसके मुँह में घुस गया और जन्नत में पहुंच गया, मोर और सांप से फिर बात भी न की और जन्नत में एक तरफ बैठ कर रोने पीटने लगा

Hazrat Adam अलैहिस्सलाम को जन्नत से क्यों निकाला गया

हज़रत हव्वा ने पूछा ! तू कौन है और क्यों रोता है? उसने कहा- फरिश्ता हूँ, तुम्हारे गम में रोता हूँ क्योंकि खुदा तुम दोनों को जरूर एक दिन जन्नत से निकालेगा और फिर तुम मुसीबत और तकलीफ में पड़ जाओगे, इसीलिए खुदा ने तुम्हे यह फल खाने से मना कर दिया है, खुदा की कसम मैं तुम्हारा खैरखुवाह हूँ, हमदर्दी से कहता हूँ की अगर तुम्हे यह फल खा लिया तो हमेशा-हमेशा के लिया तुम जन्नत में रहोगे,

कभी निकाले न जाओगे, हज़रत हव्वा को उसके रोने और कसम खाने का यकीन आ गया की ऐसा कौन बेईमान होगा जो खुदा की झूटी कसम खाये, मर्क का रोना झूठ बोलना, धोका देना, झूटी कसम खाना, वादा खिलाफी करना कीना-कपट रखना, यानी जब मौका मिलेगा बदला लूंगा और दूसरे को उजाड़ना, अल्लाहतआला से न डरना और हुकुम न मानना, हटधर्मी और जिद करना यह सब गुनाह सब से पहले शैतान ही ने किये,

हज़रत हव्वा शैतान के मर्क व फरेब में आ गयी

हज़रत हव्वा शैतान के मर्क व फरेब में आ गयी और दरख्त से तीन फल तोड़े, एक आपने खाया और दो हज़रत आदम (Hazrat Adam) के पास लायी और कहा की एक फल मैंने खा लिया है और एक फल आप खा ले, आपने फ़रमाया की अल्लाहतआला ने इस दरख्त का फल खाने से मन फ़रमाया है हजरत हव्वा ने फ़रमाया यह फरिस्ता खुदा की कसम खाता है और हमारे गम में रोता रहता है

इससे ज्यादा गम खुवार कौन होगा अगर आप न खाएंगे तो इस फ़रिश्ते के मुवाफिक आप जन्नत में नहीं रहेंगे और मई जन्नत में आपके बगैर कैसे रहूंगी इन्ही सब बातों में हजरत आदम भी भूल गए और फल को मुंह में डाला ही था हलक से निचे भी नहीं उतरा था की अल्लाहतआला का गजब आ गया 

और उसी वक़्त जन्नत का लिबास दोनों के बदन से उतार लिया गया और दोनों को नंगा करदिया गया बदन छुपाने के लिए उस दरख़्त के पास पत्ते लेने जाते वह दरख़्त ऊंचा हो हो जाता और जन्नत की तमाम चींजों की तरफ से हजाता की हमसे दूर हो जाओ तुम अल्लाहतआला की नाफरमानी करके मुजरिम हो गए हो आप खौफ शर्म व हया की वजह से बेचैन हो गए

जब हजरत जिब्राइल को हुक्म हुआ इन्हे जन्नत से निकाल दो

हजरत जिब्राइल आ0 ने उसी वक़्त सबको जन्नत से बाहर निकाल दिया हजरत आदम (Hazrat Adam) को सरनदीप जो हिन्दुस्तान में एक जजीरा था वहां छोड़ दिया और हजरत हव्वा को खुरासान में और मोर को सिस्तान में और सांप को कोहे इस्फ़हान में और शैतान को एक बड़े खउफनाक पहाड़ में डाल दिया गया |

सांप बहुत खूबसूरत था शैतान जालिम की मदद करने और लालच करने से बदसूरत हो गया और पेट के बल चलता और खाख छानता फिरता है मोर की सूरत ही बदल गयी वह अपने ही पाओ देख कर रोता है और शैतान दुश्मन इन्शान को यह सजा मिली की लानत का तौक पड़ा और जो लोग उसकी ताबेदारी करेंगे आखीरियम में उन सब को दोजख के आग में झोंक दिया जाएगा

मुसलमानो इस किस्से से सबक हासिल करो अल्लाह व रसूल की नाफ़रमानियों से बचो और शैतान के मक्र व फरेब में मत आओ किसी अल्लाह वाले की सोहबत अख्तियार करो देखो और गौर करलो की नाफरमानी कितनी बुरी चीज है |

अस्सलामो अलैकुम नाजरीन अगर आपको ये Hazrat Adam  अलैहिस्सलाम का दुनिया में तशरीफ़ लाना ये जानकारी अच्छा लगा हो तो इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि पूरी दुनिया को उनके बारे में मालुम चल सके

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